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अंजुमन इस्लाह-ए-अदब के तत्वाधान में कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन हुआ 

अंजुमन इस्लाह-ए-अदब के तत्वाधान में कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन हुआ 

कशीनगर

फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA 

कप्तानगंज नगर के वरिष्ठ शायर डा.इम्तियाज़ समर के आवास पर मंगलवार की रात आठ बजे से संस्था अंजुमन इस्लाह -ए-अदब के तत्वावधान में एक विशेष कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया, जिसमें अन्य जिला से आये कवि और शायर शामिल हुए।अध्यक्षता मशहूर शायर अब्दुल हमीद आरज़ू और संचालन गोरखपुर के मशहूर शायर वसीम मज़हर द्वारा सम्पन हुआ। गोष्ठी के मुख्य अतिथि गोरखपुर से आये हाफीज़ नासिरुद्दीन थे। कार्यक्रम की आरम्भ सरस्वती बन्दना एवं नात पाक से हुआ। मुख्य अतिथि हाफीज़ नासिरुद्दीन, शायर वसीम मज़हर , शाकिर अली शाकिर,शायर अब्दुल्ला ज़ामी गोरखपुर को पुष्प और शाल से सम्मानित किया गया।कवि सम्मेलन में जिन रचनाकारों ने रचना पाठ किया,

मशहूर शायर वसीम मज़हर ने अपना कलाम सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अब तो मंज़िल पे पहुंचना आसान हुआ

उसकी आंखों में मोहब्बत की सड़क देखी है

मेजबान शायर डा•इम्तियाज़ समर ने ग़ज़ल के चन्द अशआर सुनाकर वाह वाही लुटी

कहीं ख़ुलूस कहीं दोस्ती कहीं पे वफ़ा

दिलो दिमाग़ में हिन्दुस्तान रखतें हैं

इसके बाद डा•अर्शी बस्तवी ने ग़ज़ल के चन्द अशआर सुनाकर महेफि़ल में शमा बांध दिया 

इस तरक़्क़ी के दौर में अर्शी

तुम मोहब्बत की बात करते हो

पड़रौना से आये शायर असलम निजामी ने ख़ूब सुनाया

वक्त खंजर चला के चूप

हम लहू में नहा के चूप

बहुत दिनों के बाद

बासुरी बोली है

बेचू बी•ए• ने जब गीत पढ़ा तब तालियों से महेफि़ल गूंज उठा।

सुना है कि तुम बेवफ़ा हो गये हो

ये कैसा सितम है, ये क्या हो गये हो।

हाटा से पधारे शायर ए•हमीद ‘आरज़ू’ने ग़ज़ल सुनाकर चार चांद लगा दिए।

जब सत्ता के सिंहासन पर धृतराष्ट्र कोई बैठा होगा

और मर्यादा का भीष्म देख अन्याय को शीश झुका लेगा

विनोद गुप्ता ने सुनाया

इसके अतिरिक्त जगदीश खेतान, शाकिर अली शाकिर, अब्दुल्ला जा़मी,नुरूद्दीन नूर, लियाकत अली जौहर, शम्भू सजल, अर्शद सफीर,फिरोज़ अश्क, अरमान मंसूरी ने भी काव्य पाठ किया।

अन्त में मुख्य अतिथि ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द से ओत प्रोत ऐसे कार्यक्रमों को निरन्तर बढावा देने का आह्वान किया।

अन्त में डा•इम्तियाज समर ने सभी आये हुए आगंतुकों का साधुवाद किया। श्रोताओं में दिनेश यादव, छोटे , मन्जूर हसन, सच्चिदानंद, सैफ़ अंसारी आदि मौजूद रहे।

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