खबर: तरया सुजान उच्च प्राथमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर हुआ मिट्टी भराव, शिक्षामित्र ने व्यक्तिगत खर्च से दिलाई जलजमाव से राहत

खबर: तरया सुजान उच्च प्राथमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर हुआ मिट्टी भराव, शिक्षामित्र ने व्यक्तिगत खर्च से दिलाई जलजमाव से राहत
एडिटर इन चिप अखिलेश कुमार द्विवेदी 9tv समाचार भारत यूपी बिहार मीडिया
तरया सुजान (कुशीनगर):
क्षेत्रीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तरया सुजान के मुख्य मार्ग एवं प्रवेश द्वार पर लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। बारिश और नाली का गंदा पानी जमा होने के कारण विद्यालय आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पानी के ठहराव से न केवल दुर्गंध फैल रही थी, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ था।
तहसील तक लगाई गुहार, नहीं मिला समाधान
जलभराव की इस जनसमस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीण बैजूनाथ ने जिला प्रशासन से लेकर तहसील स्तर तक लिखित आवेदन दिए और जीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, शासन-प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे समस्या जस की तस बनी रही।
शिक्षामित्र ने उठाया सराहनीय कदम
प्रशासनिक उपेक्षा और बच्चों की असुविधा को देखते हुए विद्यालय के शिक्षामित्र प्रमोद ओझा ने पहल की। उन्होंने किसी सरकारी आर्थिक मदद का इंतजार किए बिना, अपने निजी खर्च से गंदे पानी के ठहराव वाले स्थान और मुख्य गेट पर काली मिट्टी डलवाकर भराव करवाया।
मिट्टी का भराव होने से अब विद्यालय के मुख्य मार्ग पर पानी का जमाव खत्म हो गया है और रास्ता सुगम हो गया है।
ग्रामीणों ने की सराहना: शिक्षामित्र प्रमोद
ओझा के इस सामाजिक और सराहनीय प्रयास की विद्यालय परिवार, छात्रों और स्थानीय ग्रामीणों ने खुलकर तारीफ की है। लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे, वहीं शिक्षामित्र की इस व्यक्तिगत पहल ने बच्चों को गंदे पानी से होकर जाने की मजबूरी से मुक्ति दिलाई




