कुशीनगर: ‘खूनी’ बना बनरहा रेगुलेटर मोड़, एक महीने में ४ बड़े हादसों से फूटा लोगों का गुस्सा

कुशीनगर। जनपद का बनरहा रेगुलेटर मोड़ इन दिनों राहगीरों के लिए काल साबित हो रहा है।
एडिटर इन चीप अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
पिछले मात्र एक महीने के भीतर इस खतरनाक मोड़ पर चार भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, ।जबकि दर्जनों लोग अब भी गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
प्रशासन की अनदेखी पर स्थानीय लोगों में आक्रोश
लगातार हो रही मौतों और हादसों के बाद स्थानीय निवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस ‘ब्लैक स्पॉट’ को लेकर गंभीर नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अगर समय रहते ठोस कदम उठाए गए होते, तो कई परिवारों के चिराग बुझने से बच सकते थे।
मुख्य समस्याएं और प्रमुख
मांगें
स्थानीय लोगों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को हादसों की बड़ी वजह बताया है और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है:
अतिक्रमण हटाना: सड़क के किनारों और मोड़ पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण के कारण वाहन चालकों को सामने से आने वाली गाड़ियां दिखाई नहीं देतीं।
सुरक्षा संकेतकों (Safety Signs) का अभाव: मोड़ पर कोई भी रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर या चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है, जिससे अनजान चालक तेज गति में अपना नियंत्रण खो देते हैं।
रोशनी की कमी: रात के समय इस मोड़ पर अंधेरा होने के कारण हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बनरहा रेगुलेटर मोड़ से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और वहां सुरक्षा संकेतक नहीं लगाए गए, तो वे सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल, क्षेत्र में डर और तनाव का माहौल है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन हादसों के बाद जागता है या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतजार करता है।




