असीम साहित्य संस्थान के तत्त्वाधान में पाण्डेय निवास-रोहुआ मछरगावाँ में प्रथम काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ

अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर एड.अब्दुल हमीद ‘आरजू’ने किया
संवाददाता कुशीनगर
फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
माँ शारदे!माँ शारदे!
सद्ज्ञान का भंडार दे।।
शैलेन्द्र ‘असीम’ विरचित वाणी वंदना से प्रारंभ हुई गोष्ठी पूर्णता की ओर अग्रसर हुई।
युवा गीतकार डॉ. परमानंद ‘परम’ की समसामयिक रचना से सभी लोग आत्मविभोर हो चले…
एहि खातिर काम करे अइसा वइसा।
दिन रात खोजे लोगवा पइसा।।
एड. कृष्णा श्रीवास्तव के दोहे…उचित शिल्प अभिव्यंजना, भावों का उत्कर्ष।सच में कृष्णा है यही,कविता का निष्कर्ष।।
मुख्य अतिथि डॉ.मोहन पाण्डेय ‘भ्रमर’ की रचना सराहनीय रही…
गीत सुनहरे सुनकर, दुनिया यही कहानी गाएगी सूरज की किरणें चमकेंगी,सुबह सुहानी भाएगी।।आतिथेय आयोजक असीम जी ने मुक्तक के माध्यम से अपनी भावना व्यक्त की…ज्योति का प्रज्वलन हो शुभम् मंगलम्।
भाव का आचमन हो शुभम् मंगलम्।।
राधिका के नयन नित्य नर्तन
करें।
कृष्ण का बाँकपन हो शुभम् मंगलम्।।
सच्चिदानन्द पाण्डेय के नवगीत में वर्तमान का त्रासद चित्रण दिखा…
पानी को गंदा करके,
मिनरल बेच रहे हैं।
और हवा के अणुओं को,भी खुरपेच रहे हैं।।
अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शायर आरजू ने अपनी प्रसिद्ध गजल कही…
हुमा होने की कोशिश कर रहा हूँ।
ये क्या होने की कोशिश कर रहा हूँ।।
सर्वश्री विजय कुमार पाण्डेय,राजीव पाण्डेय,संजय कुमार पाण्डेय,ऋषभ पाठक,अवधेश पाण्डेय,अभिषेक पाण्डेय,अभिजीत पाण्डेय,अभिनव पाण्डेय,नीलांश पाण्डेय,प्रिया पाण्डेय,
नव्या, मान्या, तन्वी आदि महानुभाव उपस्थित रहे।संचालन सच्चिदानन्द पाण्डेय ने किया।




