34 वां किसान शहीद दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

34 वां किसान शहीद दिवस पर उमड़ा जनसैलाब 
मुख्य अतिथि रहे सांसद बदायूं आदित्य यादव
संवाददाता कुशीनगर
फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी भारत समाचार यूपी बिहार मीडिया
जनपद कुशीनगर के रामकोला में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर वर्ष 1992 में हुए किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों की स्मृति में बुधवार को 34वां किसान शहीद दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों किसानों और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के सांसद बदायूं आदित्य यादव रहे।
सांसद आदित्य यादव ने 1992 के किसान आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भाजपा की किसान विरोधी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। आज भी किसान अपने हक और मांगों को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, किसानों के हित में सबसे पहले कर्जमाफी जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए करो या मरो का सवाल है। किसानों और कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाएगी और 2027 में प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
महंगाई और खाद की कीमतों पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि खाद के दाम बढ़ रहे हैं, जबकि बोरे में खाद का वजन घट रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब भी देश के सामने कोई समस्या आती है तो प्रधानमंत्री देशवासियों से अपील करते हैं। कोरोना काल में लोगों से कोरोना से खुद लड़ने की बात कही गई और तेल संकट के समय वाहन चलाने तथा विदेश यात्रा कम करने की अपील की गई।
सांसद ने कार्यकर्ताओं और किसानों से अपने वोट की सुरक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा पर भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर सत्ता में आने का आरोप लगाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
कार्यक्रम के आयोजक पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह ने किसानों और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए वर्ष 1992 के किसान आंदोलन की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर 1992 को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे निहत्थे किसानों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली चली थी, जिसमें पड़ोही हरिजन और जमीदार मियां शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि शहीद किसानों की पुण्यतिथि लगातार मनाई जाती है और इस कार्यक्रम में हर वर्ष मुलायम सिंह यादव के परिवार का एक सदस्य शामिल होता रहा है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि वह अपने जीवनकाल में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देते रहेंगे और किसान मेला हर वर्ष आयोजित होता रहेगा। उन्होंने कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि यह किराए की भीड़ नहीं, बल्कि धरती का सीना चीरकर अन्न पैदा करने वाले किसानों की भीड़ है। उपस्थित किसानों से चर्चा के बाद उन्होंने आगामी 28 अक्टूबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन करने की घोषणा की।
कार्यक्रम को पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, बालेश्वर यादव, सपा जिलाध्यक्ष अवध यादव और डॉ. पीके राय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामप्यारे कुशवाहा ने की तथा संचालन राजेश्वर गोविंद राव उर्फ मुन्ना ने किया।
इस दौरान विजेंदर पाल यादव, इलियास अंसारी, पीके राय, गायक धर्मेंद्र सोलंकी, ब्लॉक प्रमुख दिग्विजय सिंह ‘लक्ष्मण’, रणविजय सिंह उर्फ मोहन बाबू, मिठाई लाल यादव, चंद्रप्रकाश यादव, रामनिवास यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा, शैलेन्द्र सिंह, अवध नारायण ठकुराई, जवाहर गौतम, एके बदल, निठुरी राजभर, विभूति कुशवाहा, हरि यादव, कैलाश यादव, बाबूलाल यादव, केके यादव तथा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव काजल यादव सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




