खेत बचाओ अभियान का सफल आयोजन किया गया

पगार व देवलिया मनिया छपरा में
संवाददाता कुशीनगर
फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
जनपद कुशीनगर के पगार तथा देउलिया मनिया छपरा में “खेत बचाओ अभियान” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा (मिट्टी) एवं कृषि भूमि का संरक्षण तथा किसानों को टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर कृषि विभाग से एटीएम श्री मारकंडे तिवारी एवं एडीओ श्री अर्जुन प्रसादखेत बचाओ अभियान का सफल आयोजन किया गया।
जनपद कुशीनगर के पगार तथा देउलिया मनिया छपरा में “खेत बचाओ अभियान” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा (मिट्टी) एवं कृषि भूमि का संरक्षण तथा किसानों को टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर कृषि विभाग से एटीएम श्री मारकंडे तिवारी एवं एडीओ श्री अर्जुन प्रसाद उपस्थित रहे तथा ग्राम प्रधान इंद्रजीत सिंह का विशेष सहयोग रहा।
अधिकारियों द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती तथा कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। किसानों को यह भी बताया गया कि कृषि भूमि और मिट्टी का संरक्षण भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने कृषि भूमि एवं मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने तथा वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया।
यह अभियान क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक साबित हुआ तथा मृदा एवं कृषि भूमि संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित रहे तथा ग्राम प्रधान इंद्रजीत सिंह का विशेष सहयोग रहा।
अधिकारियों द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती तथा कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। किसानों को यह भी बताया गया कि कृषि भूमि और मिट्टी का संरक्षण भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने कृषि भूमि एवं मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने तथा वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया।
यह अभियान क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक साबित हुआ तथा मृदा एवं कृषि भूमि संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




