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देवरिया बाबू अंसारी टोला लाल छपरा खास लक्ष्मीगंज धोधरही में ईदुउल अज्हा की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न 

 

मुल्क के लिए अम्न व शांति की दुआ मांगी गई 

संवाददाता कुशीनगर 

फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA

रामकोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत देवरिया बाबू अंसारी टोला ,लाला छपरा खास, लक्ष्मीगंज, बाजार एवं धोधरही में ईदुउल अज्हा यानी बकरा ईद की नमाज शांतिपूर्वक सकुशल संपन्न हुई कहीं पर कोई गड़बड़ी नहीं हुई लोग अकीदत के साथ नमाज पढ़े और कुर्बानी किए।

दरअसल बकरा ईद यानी ईदुल अज्हा त्योहार कि यह मान्यता है कि इब्राहिम अलैहिस्सलाम को अल्लाह ने इम्तिहान के तौर पर उन्हें ख्वाब में कहा कि इब्राहिम आप अपने सबसे अजीब चीज की कुर्बानी पेश करें पहुंचे हुए लोग थे उनका ख्वाब हकीकत हुआ करता था सुबह उठे और 100 ऊंट की कुर्बानी कर दिए फिर दूसरी रात भी वही ख्वाब की कुर्बानी पेश करें दूसरे दिन उठे और उसे 200 ऊटों की कुर्बानी कर दिए तीसरी रात फिर वही ख्वाब की आप अपने सबसे अजीब चीज की कुर्बानी पेश करें सुबह जब बेदार हुए तो सोचने लगे कि सबसे अजीज तो औलाद होती है इब्राहिम अलैहिस्सलाम का एक ही बेटा था अब वह अपने बेटे को कुर्बान गाह ले गए और बेटे से कहे कि अल्लाह के नाम पर तुम्हें कुर्बान करना है वह हमसे सबसे अजीज की कुर्बानी मांग रहा है बेटा भी तैयार हुआ जब बेटे को कुर्बानी करने के लिए लेटा कर गले पर छुरी चलाना शुरु किये तो छुरी गला नहीं काट रही थी उधर बारगाहे खुदाबांदी में हलचल मच गई अल्लाह का हुक्म हुआ फरिश्ते जाओ और इब्राहिम अलैहिस्सलाम के बेटे स्माइल अलैहिस्सलाम को हटा दो और दुम्बे को लेटा दो ऐसा ही हुआ और बच्चे को हटाकर फरिश्ते दुम्बे को लिटा दिए इस तरह उनकी कुर्बानी कबूल हुई उसके बाद से यह सिलसिला चलता आ रहा है उनकी सुन्नत अदा करने के लिए मुसलमान कुर्बानी पेश करतेहैं।

ईदुल अज्हा यानी बकरा ईद की नमाज के बाद कुर्बानी दी जाती है देवरिया बाबू अंसारी टोला, लाला छपरा खास, लक्ष्मीगंज बाजार व धोधरही में पूरे अकीदत के साथ नमाज अदा की गई और मुल्क के लिए अम्न व शांति की दुआ मांगी गई इसमें सभी गांव के जिम्मेदार से लेकर बच्चे बूढ़े शामिल रहे भाईचारे और इंसानियत पर रोशनी डाली गई कुर्बानी सिर्फ बकरे को काटने का नाम नहीं है बल्कि अपने अंदर की बुराई को खत्म करने और अम्न व शांति तथा इंसानियत तथा भाईचारगी से रहने का भी नाम है जिससे हर इंसान बुराई से बच सके।

मौजूद लोगों में जिम्मेदारान इरफान अंसारी, शाकिर अंसारी, महबूब अंसारी ,नबीजुल्लाह अंसारी, जमील अंसारी, समील अंसारी ,इदरीस अंसारी, इरशाद अंसारी, अमीरुल्लाह , अमजद अली ,मुस्तफा, मुनीर, होसिलदार ,सैनुल्लाह,अतीउल्लाह ,ऐनुल्लाह, मुसाहेब ,रोशन, शाहरुख, इम्तियाज शब्बीर, निजामुद्दीन शरीफ,लाला छपरा खास मुस्तकीम अंसारी मौलाना इसरायल साहब जमीरुद्दीन आदि लोग रहे।

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