अपनी समीक्षा और सुधार करें परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक : संदीप पाण्डेय

पूर्वांचल के प्रखर रणनीतिकार संदीप पाण्डेय ने प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए फूंका बिगुल, 27 अप्रैल से चलेगा अभियान।
तमकुहीराज, कुशीनगर।
संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
प्राथमिक विद्यालय स्तर के शिक्षकों पर विशेषतः बच्चों के प्राथमिक शिक्षा की जिम्मेदारी होती अगर वे सही ढंग से बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं और कोरमपूर्ति करते हैं तो बच्चों के असफलता का दोष उन्हें जाता है।
प्रायः ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों का उत्तरदायित्व है कि वे शिक्षा के स्थापित मानकों को पूरा करने के लिए मानकीकृत शिक्षा प्रदान करें और प्रत्येक बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठाए। मैं जल्द ही पूरे आगामी 27 अप्रैल से तमकुहीराज विधानसभा में एक शैक्षणिक उत्थान जागरूकता अभियान चला कर परिष्कार करूंगा।
उक्त बातें पूर्वांचल के प्रखर राजनीतिक रणनीतिकार एवं वरिष्ठ संपादक संदीप पाण्डेय ने प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा। उल्लेखनीय है कि संदीप पाण्डेय एक युवा समाजसेवी एवं समाज सुधाकर हैं जो निरन्तर शिक्षा, स्वस्थ, सड़क, बिजली, पानी, पर्यावरण आदि विभिन्न मुद्दों और मानव जीवन की मूलभूत जरूरतों और अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहते हैं। संदीप पाण्डेय एक अपने लेखनी के माध्यम से शासन प्रशासन और राजनेताओं को चेताने का काम करते ताकि अपने दायित्वों का सही से निर्वहन करें। इसी क्रम में वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था अत्यंत लचर है जिसको देखते हुए संदीप पाण्डेय लगातार शिक्षा सुधार के लिए काम कर रहे हैं।
संदीप पाण्डेय ने आगे कहा कि अधिकांश शिक्षकों का काम केवल हाजिरी लगा कर कोरमपूर्ति करना है, लोगों की इसी भी शिकायत है परिषदीय स्कूलों के शिक्षक हाजिरी लगा कर गायब हो जाते हैं या समय काटते हैं इन्हीं कारणों से परिषदीय विद्यालय पिछड़े हैं वहीं बिना मान्यता के कुकुरमुत्तों की तरह सैकड़ों प्राइवेट स्कूल खुले हुए हैं जो अभिभावकों और बच्चों का आर्थिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं।
इस संदर्भ में मैंने बीएसए कुशीनगर से वार्ता किया जिस पर उन्होंने दोषियों को चि
न्हित कर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।




