मुस्लिम समाज में किसी भी अवसर पर डीजे, नाच, गाने पर पाबंदी को लेकर लाला छपरा खास में हुई एक अहम बैठक कई गांव के लोग हुए शामिल

मुस्लिम समाज में किसी भी अवसर पर डीजे, नाच, गाने पर पाबंदी को लेकर लाला छपरा खास में हुई एक अहम बैठक कई गांव के लोग हुए शामिल
दारुल उलूम मोहम्मदिया कप्तानगंज के मुफ्ती अमीरूल्लाह मिस्बाही के सदारत में
संवाददाता कुशीनगर
फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी समाचार भारत यूपी बिहार मीडिया 
जनपद कुशीनगर के रामकोला विकासखंड के ग्राम सभा लाला छपरा खास के मकतब में दारुल उलूम मोहम्मदिया कप्तानगंज के मुफ्ती अमीरूल्लाह के सदारत में मुस्लिम समाज में किसी भी अवसर पर डीजे ,नाच गाने पर रोकथाम, पाबंदी को लेकर एक अहम बैठक संपन्न हुई।
दरअसल आज के दौर में मुस्लिम समाज के अंदर बुराइयों की भरमार हो गई है यानी यह कहना गलत नहीं होगा कि मुसलमान बुराईयों में मुब्तिला हो गए हैं दीन से दूर हो गए हैं शरियत के खिलाफ बहुत सारे काम को अंजाम दे रहे हैं शरियत और दीन के खिलाफ जाकर गलत कामों में फस गये हैं मिसाल के तौर पर शादी, अकीका, खतना, सुन्नत करने जैसे मौकों पर डीजे, बजाना नाचना नाच गाने का प्रोग्राम करना कराना एक फैशन सा हो गया है जिसे इस्लाम में सख्त मना है ऐसे खुराफात से बचने और रोकथाम के लिए मुफ्ती अमीरुल्लाह के देखरेख में एक अहम बैठक हुई जिसमें कई मसले पर चर्चा हुई और मुसलमानों से अपील किया गया कि आप मुसलमान है तो बुराई से बचें किसी भी तरह के प्रोग्राम में डीजे नाच गाने को बंद करें बारात में डीजे नाच वगैरह ले जाना या अपने घरों पर शादियों में अन्य किसी मौके पर डीजे नाच गाने मगाना कराना बंद करें साथ ही अपने बच्चियों औरतों को पर्दे में रखें डीजे पर नाचने गाने पर पाबंदी लगायें अगर गांव में कोई मुसलमान इस पाबंदी को तोड़ता है तो सजा के तौर पर सामूहिक बहिष्कार करें इतना ही नहीं अगर कोई मौलवी हाफिज कारी आलिम इन खुराफातों के बावजूद निकाह पढ़ाया तो उसे भी सजा के तौर पर आलीम तबका इसका पुरजोर विरोध करेंगे और बाय काट करेंगे।
इस बैठक में लाला छपरा खास, जोलहा पट्टी ,धोधरही, देवरिया बाबू अंसारी टोला आदि गांव के जिम्मेदारान और कमेटी में मेम्बरान की शिरकत हुई थी। सभी ने इस बात को तस्लीम किया कि इस तरह के खुराफात मुस्लिम समाज में बंद होने चाहिए ।सबसे खुशी की बात यह है कि देर से ही सही इसकी पहल हुई जो काबिले तारीफ है ऐसा होना भी चाहिए इस बैठक में एक और निर्णय लिया गया कि हर महीने अलग-अलग गांव में इस तरह की बैठक होगी और मुसलमानों से अपील किया जाएगा नौजवानों को जागरूक किया जाएगा कि इन खुराफातों को बंद करें और शरीयत के मुताबिक कोई काम करें साथ ही शादी को आसान करें।
इस बैठक को सफल बनाने में मुस्तकीम अंसारी एवं समस्त गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया खास तौर पर नौजवान कमेटी महबूब अली, मुसाफिर, आरिफ, अकबरुद्दीन, इजहार, आसिफ, मुमताज, इसराज ,अरमान, साहिल की जिम्मेदारी रही साथ ही मस्जिद के इमाम गुलाम गौस और मौलाना इसराइल साहब की भी मौजूदगी रही। जो भी बैठक में निर्णय लिया गया सब लिखित रूप में लिया गया पहल तो बहुत अच्छी है लेकिन देखना यह है कि इस नाजुक दौर में कहां तक सफलता मिलती है वैसे उम्मीद है कि इस पहल की रोशनी में मुस्लिम समाज एक न एक दिन जगमगायेगा ।




