कुशीनगर के थानों में 31 साल बाद लौटेगी श्रीकृष्ण जन्माsource: कुशीनगर जिले में थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव 31 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू होने जा रहा है।

कुशीनगर के थानों में 31 साल बाद लौटेगी श्रीकृष्ण जन्माsource: कुशीनगर जिले में थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव 31 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू होने जा रहा है।
एडिटर इन चिप अखिलेश कुमार द्विवेदी 9tv भारत समाचार यूपी बिहार मीडिया 
वर्ष 1994 के कुख्यात ‘पचरुखिया कांड’ के बाद से इस परंपरा को स्थगित कर दिया गया था, जो अब पुनः जीवित हो रही है।
क्या था पचरुखिया कांड?
घटना का वर्ष: 1994 (तब कुशीनगर और देवरिया एक ही जिला हुआ करते थे)।
आयोजन: पडरौना कोतवाली में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव चल रहा था, जिसमें पुलिसकर्मी व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सूचना और कार्रवाई: कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पचरुखिया घाट पर डकैतों के जमावड़े की खबर मिलते ही पुलिस टीम नदी पार कर मौके पर पहुंची।
घात लगाकर हमला: डकैत नदी किनारे छिपे थे। पुलिस टीम जब नाव से लौट रही थी, तब बीच धारा में डकैतों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
दुखद हादसा: नाविक को गोली लगने से नाव पलट गई। इस घटना में नाविक समेत 7 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे (जिनमें 2 इंस्पेक्टर भी शामिल थे)।
इस दर्दनाक हादसे के बाद से जिले के थानों में जन्माष्टमी मनाने की परंपरा बंद कर दी गई थी। अब 31 साल बाद पुलिस महकमा उन शहीदों को नमन करते हुए इस पुरानी परंपरा को पूरे सम्मान के साथ दोबारा शुरू कर रहा है।
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