किसानों की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रही हैं नीलगाय, आवारा सांडों के झुंड से भयभीत हैं किसान

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किसानों की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रही हैं नीलगाय, आवारा सांडों के झुंड से भयभीत हैं किसान
एडिटर इन चिप अखिलेश कुमार द्विवेदी 9tv भारत समाचार यूपी बिहार मीडिया
तमकुहीराज सलेमगढ़
कुशीनगर
तमकुहीराज (कुशीनगर)। जनपद क्षेत्र के नगर पंचायत तमकुही राज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में छुट्टा आवारा पशुओं और नीलगायों ने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में किसानों ने बड़े पैमाने पर मक्का व अन्य फसलों की खेती की है। आर्थिक रूप से असमर्थ होने के कारण किसान अपने खेतों के चारों तरफ बाड़ का घेरा नहीं लगा पा रहे हैं। आए दिन नीलगायों का झुंड मक्का के खेतों में घुसकर फसलों को पूरी तरह चौपट कर रहा है। डर के कारण किसान रात में खेतों की रखवाली करने से भी कतरा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पीड़ित किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे नुकसान से वे बेहद हताश हैं। कई किसान तो अब यह तक कहने लगे हैं कि खेत भले ही परती (खाली) रह जाए, लेकिन वे अब कोई फसल नहीं बोएंगे। किसानों का आरोप है कि फसलों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था या नियम-कानून नहीं बनाया गया है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है।
इसके अलावा, स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र में आवारा सांडों का भी भारी आतंक है। सांडों के झुंड गांवों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के लिए जान-माल का खतरा भी बना हुआ है।
क्षेत्रीय किसानों ने अधिकारियों से इस ज्व
लंत समस्या पर ध्यान आकृष्ट करने की गुहार लगाई है। किसानों ने मांग की है कि इन छुट्टा पशुओं और नीलगायों को जल्द से जल्द पकड़कर जंगलों या आश्रय स्थलों में भिजवाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।




